समय परिवर्तन : घंटा मिनट को घटी पल में बदलना और घटी पल को घंटा मिनट में बदलने की विधि

समय परिवर्तन : घंटा मिनट को घटी पल में बदलना और घटी पल को घंटा मिनट में बदलने की विधि

समय परिवर्तन : घंटा मिनट को घटी पल में बदलना और घटी पल को घंटा मिनट में बदलने की विधि : 2 घंटा 10 मिनट को घटी/पल में बदलने के लिये ढाई (2.5 अर्थात् 2½) से गुणा किया जिसका परिणाम 5 घटी 25 पल प्राप्त हुआ था। किन्तु इसमें हम और भी अनेकों प्रकार का उदाहरण समझेंगे और पुनः इसका विपरीत अर्थात घटी पल को घंटा मिनट में बदलने की विधि भी उदाहरण सहित समझेंगे।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें - भाग 2

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – भाग 2

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – भाग 2 : ज्योतिष गणित – Jyotish Ganit में यहां कुंडली बनाने की विधि से संबंधित गणितीय क्रियाओं को समझेंगे। घंटा-मिनट को दण्ड-पल बनाना, इष्टकाल निकालना, लग्नानयन अर्थात लग्न ज्ञात करना आदि समझेगें। इसके साथ ही स्थानीय समय, मानक समय, देशांतर, वेलांतर इत्यादि को भी समझने का प्रयास करेंगे।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें - भाग 1

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – भाग 1

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – भाग 1 – jyotish seekhen : ज्योतिष विद्या वेदाङ्ग विद्या है और ज्योतिष सीखना एवं ज्योतिर्विद अथवा दैवज्ञ बनना दो भिन्न विषय है। ज्योतिष के तीन स्कंध कहे गये हैं सिद्धांत, संहिता और होरा। ज्योतिष सीखने का मुख्य तात्पर्य होरा के अंतर्गत कुंडली निर्माण करना और फलादेश करना समझा जाता है तथापि सामान्य ज्योतिषी बनने के लिये भी सिद्धांत व संहिता का भी सामान्य ज्ञान अनिवार्य होता है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें - learn astrology in hindi

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – learn astrology in hindi

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिन्दी में ज्योतिष सीखें – learn astrology in hindi : यहां ज्योतिष सीखने में सहयोग हेतु आपको शास्त्रोक्त प्रमाणों के साथ सामग्रियां प्राप्त होंगी किन्तु जैसे आप चिकित्सा शास्त्र की पुस्तकों का अध्ययन करके चिकित्सक नहीं बन सकते उसी प्रकार ज्योतिष की पुस्तकों का अध्ययन मात्र करके ज्योतिषी नहीं बन सकते हैं।

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ज्योतिष: भूत, वर्तमान और भविष्य का संगम - jyotish kya hai

ज्योतिष: भूत, वर्तमान और भविष्य का संगम – jyotish kya hai

ज्योतिष: भूत, वर्तमान और भविष्य का संगम – jyotish kya hai : ज्योतिष को कालज्ञान भी कहा जाता है, लगध के वेदाङ्ग ज्योतिष में “कालज्ञानं प्रवक्ष्यामि” मिलता है। कालज्ञान का तात्पर्य काल गणना, काल निर्धारण, शुभाशुभ काल आदि होता है।

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